हनुमत सहस्त्रनाम का वर्णन ‘बृहज्ज्योतिषार्णव ’ में किया गया है । सर्वप्रथम श्री रामचंद्रजी ने हनुमत सहस्त्रनाम के पाठ से हनुमानजी की स्तुति की थी…
शिव तांडव स्तोत्र की रचना लंकापति रावण के द्वारा की गयी है। रावण भगवान भोलेनाथ का अनन्य भक्त था और रावण द्वारा रचित शिव तांडव…
हिन्दू धर्म में माँ सरस्वती को विद्या और ज्ञान की देवी कहा जाता है। माँ सरस्वती को साहित्य, संगीत और कला की देवी भी माना…
सरस्वती आरती (Saraswati Aarti)
मां सरस्वती की आरती करने से भक्तों को देवी की कृपा प्राप्त होती है। मां सरस्वती की आरती करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का…
माँ गायत्री जी की आरती को गायत्री मंत्र के सामान ही फलदायी बताया गया है। वेदमाता गायत्री सभी मनोकामनाओं की पूर्ती करने वाली मानी जाती…
गायत्री चालीसा (Gayatri Chalisa)
गायत्री चालीसा गायत्री माता की आराधना करने का एक बहुत ही सुन्दर माध्यम है। माता गायत्री सदा अपने भक्तों पर अपनी दया दृष्टि रखतीं है।…
श्री लक्ष्मी चालीसा (Shree Lakshmi Chalisa)
माँ लक्ष्मी धन, समृद्धि, और सुख-समृद्धि की देवी मानी जाती हैं। माँ लक्ष्मी की पूजा का हिंदू धर्म में विशेष महत्त्व है। उनकी पूजा करने…
श्री विन्ध्येश्वरी चालीसा (ShreeVindhyeshwari Chalisa)
विन्धेश्वरी चालीसा एक अत्यंत पवित्र और प्रभावशाली स्तुति है, जो देवी विंध्यवासिनी की महिमा का गुणगान करती है। इसे श्रद्धा और भक्ति के साथ पढ़ने…
हिन्दू धर्म में भगवान् गणेश को प्रथम पूज्य देव् माना गया है । भगवान गणेश की पूजा किसी भी शुभ कार्यों में सर्वप्रथम की जाती…
श्री शीतला माता चालीसा (Shree Shitla Mata Chalisa)
शीतला माता को रोगों, विशेष रूप से चेचक (स्मॉलपॉक्स) से सुरक्षा की देवी माना जाता है। उनकी पूजा करने से परिवार के सदस्यों को स्वास्थ्य…
हिंदू धर्म में गंगा आरती अत्यंत पवित्र और महत्वपूर्ण मानी जाती है। वाराणसी, हरिद्वार और ऋषिकेश जैसे धार्मिक स्थलों पर गंगा आरती का आयोजन प्रतिदिन…
गंगा चालीसा (Ganga Chalisa)
गंगा चालीसा के पाठ का हिन्दू धर्म में बहुत महत्व है। गंगा चालीसा एक भक्ति काव्य है जो माँ गंगा की महिमा और उनकी कृपा…
