हिंदू धर्म में महाशिवरात्रि बड़े ही धूम धाम के साथ मनाया जाता है। वर्ष भर में हर महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को शिवरात्रि आती है, जिसे मासिक…
शिव
पूर्णिमा व्रत कथा – हिन्दू धर्म शास्त्रों में पूर्णिमा व्रत का विशेष महत्व बताया गया है। पूर्णिमा के दिन व्रत रखने और भगवान की पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि…
सावन के महीने में भगवान शिव को जल चढाने की विशेष परंपरा है | कहतें हैं सावन के महीने में शिव जी को जल अर्पित करने से भगवान शिव अत्यंत…
शिव तांडव स्तोत्र की रचना लंकापति रावण के द्वारा की गयी है। रावण भगवान भोलेनाथ का अनन्य भक्त था और रावण द्वारा रचित शिव तांडव स्तोत्र का पाठ अन्य किसी…
शिव बिल्वाष्टकम स्तोत्रम (Shiv Bilwashtakam Stotram)
“शिव बिल्वाष्टकम स्तोत्रम” भगवान शिव की महिमा का अद्भुत वर्णन करता है और बिल्वपत्र अर्पण के दिव्य फल को बताता है। शिव बिल्वाष्टकम स्तोत्रम का नियमित पाठ करने से पापों…
शिव लिङ्गाष्टकम् स्तोत्र (Shiv Lingashtakam Stotra)
लिंगाष्टकम भगवान शिव के लिंग रूप की पूजा के लिए एक महत्वपूर्ण स्तोत्र है। लिंगाष्टकम में भगवान शिव की महिमा का वर्णन किया गया है। जैसे शंख और चक्र को…
श्री शिव पंचाक्षर स्तोत्रम (Shree Shiv Panchakshar Stotram)
शिवपञ्चाक्षर स्तोत्र के रचयिता आदि गुरु शंकराचार्य जी है। शिव पंचाक्षर स्तोत्र भगवान शिव को प्रसन्न करने का एक महामंत्र है। शिवपञ्चाक्षर स्तोत्र पंचाक्षरी मन्त्र नमः शिवाय पर आधारित है,जिसमे…
द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तोत्रम (Dwadash Jyotirling Stotram)
द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तोत्र भगवान शिव का एक महामंत्र है । इस एक मन्त्र में महादेव शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों का स्मरण है। जो भी व्यक्ति इस द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तोत्र का…
भोलेनाथ की आरती।
ॐ जय शिव ओंकारा, स्वामी जय शिव ओंकारा | ब्रह्मा, विष्णु सदाशिव, अर्द्धांगी धारा || ॐ जय शिव ओंकारा || एकानन चतुरानन, पंचानन राजै | हंसासन गरुड़ासन, वृषवाहन साजै ||…
शिव चालीसा अर्थ सहित। (Shiv Chalisa)
अगर जीवन में तनाव, डर, बार-बार असफलता या मानसिक अशांति बढ़ रही है, तो शिव चालीसा का पाठ आपके लिए एक सरल और प्रभावी उपाय हो सकता है। भगवान शिव…
शिव चालीसा।
शिव चालीसा क्या है ? हिंदू धर्म में प्रार्थना या धार्मिक भजनों का विशेष स्थान है। हिंदू धर्म में भगवान की सरल भाषा में की जाने वाली प्रार्थना को चालीसा…
शिव पंचाक्षर स्तोत्र – अर्थ सहित
शिव पंचाक्षर स्तोत्र भगवान शिव की स्तुति के लिए लिखा गया है। इसमें भगवान शिव के स्वरूप एवं गुणों का बखान किया गया है, साथ ही भगवान शिव की वंदना…
