लिंगाष्टकम भगवान शिव के लिंग रूप की पूजा के लिए एक महत्वपूर्ण स्तोत्र है। लिंगाष्टकम में भगवान शिव की महिमा का वर्णन किया गया है।…
श्री शिव पंचाक्षर स्तोत्रम (Shree Shiv Panchakshar Stotram)
शिवपञ्चाक्षर स्तोत्र के रचयिता आदि गुरु शंकराचार्य जी है। शिव पंचाक्षर स्तोत्र भगवान शिव को प्रसन्न करने का एक महामंत्र है। शिवपञ्चाक्षर स्तोत्र पंचाक्षरी मन्त्र…
हिन्दू धर्म में शनिदेव की पूजा का विशेष महत्व है।हिन्दू मान्यता के अनुसार शनि देव की प्रार्थना बुराई और व्यक्तिगत बाधाओं को दूर करने के…
द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तोत्रम (Dwadash Jyotirling Stotram)
द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तोत्र भगवान शिव का एक महामंत्र है । इस एक मन्त्र में महादेव शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों का स्मरण है। जो भी व्यक्ति…
माँ सरस्वती की आरती (Maa Saraswati Ki Aarti)
माँ सरस्वती की पूजा के बाद माँ सरस्वती की आरती करने का विशेष महत्व है। घी के दिए के साथ माँ की आरती करने से…
माँ दुर्गा के नौ रूप-नवरात्र (Maa Durga ke Roop)
हिन्दू धर्म में नवरात्र का विशेष महत्व है। नवरात्र का उत्सव हर साल मनाया जाता है। एक साल में नवरात्री चार बार आती है जो…
हरतालिका तीज क्यों, कब और कैसे मनाते हैं? (Hartalika Teej)
भाद्रपद माह की शुक्ल पक्ष तृतीया तिथि को हरतालिका तीज का व्रत रखा जाता है। इस व्रत का महत्व करवाचौथ की तरह ही होता है।…
हिन्दू धर्म में माता सरस्वती को ज्ञान की देवी कहा जाता है। श्वेत रंग इनको अधिक प्रिय है। इनका आशीर्वाद प्राप्त कर हमें सभी प्रकार…
जय जय जय रविदेव जय जय जय रविदेव |रजनीपति मदहारी शतलद जीवन दाता || पटपद मन मदुकारी हे दिनमण दाता |जग के हे रविदेव जय…
श्री शनि चालीसा।
दोहा जय गणेश गिरिजा सुवन, मंगल करण जय जय श्री शनिदेव प्रभु, सुनहु विनय महाराज। जय जय श्री शनिदेव प्रभु, सुनहु विनय महाराज। करहु कृपा…
श्री विष्णु चालीसा
“दोहा” विष्णु सुनिए विनय सेवक की चितलाय। कीरत कुछ वर्णन करूं दीजै ज्ञान बताय॥ “चौपाई” नमो विष्णु भगवान खरारी। कष्ट नशावन अखिल बिहारी॥ प्रबल जगत…
दुर्गा चालीसा का पाठ करने से मनुष्य को माँ दुर्गा की विशेष कृपा प्राप्त होती है। माँ जगदम्बा शक्ति का स्वरूप और भक्तों की रक्षा…
