हिन्दू धर्म में महिलाएँ अपने पति की लंबी उम्र के लिए कई प्रकार के पूजा पाठ एवं व्रत करती है, ऐसा ही एक व्रत है सोमवती अमावस्या का व्रत जिसको…
हिंदी calender के अनुसार भाद्रपद (भादो) मास की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को भगवान कृष्ण ने जन्म लिया था | हर साल इस दिन बड़े धूमधाम से कृष्ण जन्म…
सावन के महीने में भगवान शिव को जल चढाने की विशेष परंपरा है | कहतें हैं सावन के महीने में शिव जी को जल अर्पित करने से भगवान शिव अत्यंत…
हनुमत्सहस्त्रनाम का वर्णन ‘बृहज्ज्योतिषार्णव ’ में किया गया है । सर्वप्रथम श्री रामचंद्रजी ने हनुमत सहस्त्रनाम के पाठ से हनुमानजी की स्तुति की थी | हनुमत सहस्त्रनाम स्तोत्र का पाठ…
शिव तांडव स्तोत्र की रचना लंकापति रावण के द्वारा की गयी है। रावण भगवान भोलेनाथ का अनन्य भक्त था और रावण द्वारा रचित शिव तांडव स्तोत्र का पाठ अन्य किसी…
हिन्दू धर्म में माँ सरस्वती को विद्या और ज्ञान की देवी कहा जाता है। माँ सरस्वती को साहित्य, संगीत और कला की देवी भी माना जाता है।माँ सरस्वती का नाम…
सरस्वती आरती (Saraswati Aarti)
मां सरस्वती की आरती करने से भक्तों को देवी की कृपा प्राप्त होती है। मां सरस्वती की आरती करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और व्यक्ति…
माँ गायत्री जी की आरती को गायत्री मंत्र के सामान ही फलदायी बताया गया है। वेदमाता गायत्री सभी मनोकामनाओं की पूर्ती करने वाली मानी जाती है। उनका स्मरण ,मंत्र –…
गायत्री चालीसा (Gayatri Chalisa)
गायत्री चालीसा गायत्री माता की आराधना करने का एक बहुत ही सुन्दर माध्यम है। माता गायत्री सदा अपने भक्तों पर अपनी दया दृष्टि रखतीं है। गायत्री चालीसा को पढ़ने और…
श्री लक्ष्मी चालीसा (Shree Lakshmi Chalisa)
माँ लक्ष्मी धन, समृद्धि, और सुख-समृद्धि की देवी मानी जाती हैं। माँ लक्ष्मी की पूजा का हिंदू धर्म में विशेष महत्त्व है। उनकी पूजा करने से व्यक्ति को आर्थिक स्थिरता,…
श्री विन्ध्येश्वरी चालीसा (ShreeVindhyeshwari Chalisa)
विन्धेश्वरी चालीसा एक अत्यंत पवित्र और प्रभावशाली स्तुति है, जो देवी विंध्यवासिनी की महिमा का गुणगान करती है। इसे श्रद्धा और भक्ति के साथ पढ़ने से भक्तों को देवी की…
हिन्दू धर्म में भगवान् गणेश को प्रथम पूज्य देव् माना गया है । भगवान गणेश की पूजा किसी भी शुभ कार्यों में सर्वप्रथम की जाती है, चाहे वह किसी नए…
