4 Min Read
131

“भये प्रकट कृपाला” श्रीरामचरितमानस का एक लोकप्रिय स्तोत्र है। इसे गोस्वामी तुलसीदास जी ने लिखा है। यह श्रीरामचरितमानस के बालकाण्ड में स्थित है। इस स्तोत्र में भगवान श्रीराम के जन्म…

Continue Reading
4 Min Read
89

श्री रामचंद्र कृपालु भजमन हरण भव भय दारुणम् यह प्रभु श्री राम की स्तुति है। इस स्तुति के पाठ से प्रभु श्री राम प्रसन्न होते हैं ,और मनुष्य के जीवन…

Continue Reading
7 Min Read
1056

हनुमान अष्टक में कुल आठ पद है। हनुमान अष्टक की रचना गोस्वामी तुलसीदास जी ने की है। आठ पद होने के कारण इस श्लोक को अष्टक कहा जाता है। हनुमान…

Continue Reading
9 Min Read
1023

हनुमान जी एक ऐसे देवता है जो कलयुग में भी पृथ्वी पर विराजमान है। भगवान हनुमान की पूजा आराधना करने से मनुष्य हर प्रकार के भय से मुक्त हो जाता…

Continue Reading
10 Min Read
121

हिन्दू धर्म में भगवान् हनुमान को महत्वपूर्ण देवताओं में से एक माना जाता है, जिनकी हिंदू धर्म में पूजा की जाती है। हनुमान जी को कलयुग में जागृत देवताओं में…

Continue Reading
17 Min Read
745

राम रक्षा स्तोत्र का पाठ भगवान् राम की कृपा प्राप्त करने के लिए किया जाता है। राम रक्षा स्तोत्र की रचना बुद्ध कौशिक ऋषि जिन्हें ऋषि विश्वामित्र भी कहते हैं,…

Continue Reading
3 Min Read
183

भजे विशेषसुन्दरं समस्तपापखण्डनम् ।स्वभक्तचित्तरञ्जनं सदैव राममद्वयम् ॥ १ ॥जटाकलापशोभितं समस्तपापनाशकं ।स्वभक्तभीतिभञ्जनं भजे ह राममद्वयम् ॥ २ ॥निजस्वरूपबोधकं कृपाकरं भवापहम् ।समं शिवं निरञ्जनं भजे ह राममद्वयम् ॥ ३ ॥सहप्रपञ्चकल्पितं ह्यनामरूपवास्तवम् ।निराकृतिं…

Continue Reading
3 Min Read
97

माँ दुर्गा की आरती का नवरात्री में विशेष महत्व है। नवरात्री में सुबह और शाम माँ दुर्गा की पूजा के बाद प्रतिदिन माँ की आरती करनी चाहिए। घी या कपूर…

Continue Reading
8 Min Read
3014

“शिव बिल्वाष्टकम स्तोत्रम” भगवान शिव की महिमा का अद्भुत वर्णन करता है और बिल्वपत्र अर्पण के दिव्य फल को बताता है। शिव बिल्वाष्टकम स्तोत्रम का नियमित पाठ करने से पापों…

Continue Reading
5 Min Read
194

लिंगाष्टकम भगवान शिव के लिंग रूप की पूजा के लिए एक महत्वपूर्ण स्तोत्र है। लिंगाष्टकम में भगवान शिव की महिमा का वर्णन किया गया है। जैसे शंख और चक्र को…

Continue Reading
8 Min Read
223

शिवपञ्चाक्षर स्तोत्र के रचयिता आदि गुरु शंकराचार्य जी है। शिव पंचाक्षर स्तोत्र भगवान शिव को प्रसन्न करने का एक महामंत्र है। शिवपञ्चाक्षर स्तोत्र पंचाक्षरी मन्त्र नमः शिवाय पर आधारित है,जिसमे…

Continue Reading
9 Min Read
73

हिन्दू धर्म में शनिदेव की पूजा का विशेष महत्व है।हिन्दू मान्यता के अनुसार शनि देव की प्रार्थना बुराई और व्यक्तिगत बाधाओं को दूर करने के लिए की जाती हैं |…

Continue Reading